
भोपाल। दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय आज स्व. बाबू गुलाबराय की धरोहर पाकर समृद्ध हो गया। संग्रहालय को बाबू गुलाबराय के वस्त्रों के साथ ही स्मृति ग्रंथ, हस्तलिखित पाण्डुलिपियाँ और शताधिक पत्र उनके परिजनों ने संग्रहालय आकर भेंट किये।
यह जानकारी देते हुए दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के निदेशक राजुरकर राज ने बताया कि बाबू गुलाबराय के पुत्र श्री विनोद शंकर गुप्त और उनके परिजानों ने संग्रहालय आकर एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में धरोहर सौंपी। बाबू गुलाबराय के वस्त्रों में खादी एवं वूलन टोपी, अचकन, कोट, पाजामे, पत्र रखने का थैला आदि अनमोल धरोहर है। इसके अलावा दो सौ से अधिक पत्र, लगभग तीन सौ पृष्ठों की हस्तलिखित धरोहर के साथ ही उनके निधन और जन्मशती अवसर पर प्रकाशित समाचार पत्रों की कतरनें शामिल हैं। इसके साथ ही श्री विनोदश्ंाकर गुप्त द्वारा सम्पादित �पत्रों के दर्पण में बाबू गुलाबराय� और 1970 में प्रकाशित �बाबू गुलाबराय स्मृति गं्रथ� की प्रति भी भेंट की।
धरोहर भेंट करते हुए बाबू गुलाबराय के परिजन अत्यन्त भावुक हो उठे, वहीं धरोहर स्वीकारते हुए दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के निदेशक राजुरकर राज ने कहा कि इस धरोहर से संग्रहालय अत्यन्त समृद्ध हो गया है। बाबू गुलाबराय के पुत्र श्री विनोदशंकर गुप्त ने बाबूजी से सम्बन्धित अनेक संस्मरण सुनाये, जबकि उनकी पुत्रवधु ने अत्यन्त भावुक होते हुए कहा कि एक ओर बाबूजी को अपने घर से विदा करते हुए दुख हो रहा है, वहीं इस बात का सुख भी है कि बाबूजी की धरोहर सही हाथों में सौंप रहे हैं। बाबू गुलाबराय के पौत्र श्री सुबोध शंकर ने कहा कि मैं आर्किटेक्ट होने के नाते ढाँचा तैयार करता रहा हूँ, लेकिन पाण्डुलिपि संग्रहालय ने ढाँचे में आत्मा स्थापित की है।
दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के अध्यक्ष श्री रामराव वामनकर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस समृद्ध धरोहर से संग्रहालय तो समृद्ध हुआ ही है, शोधार्थियों के लिए भी सन्दर्भ सामग्री सुलभ हो गई है। उन्होंने बाबू गुलाबराय जी के परिजानों को आश्वस्त किया कि इस धरोहर की सुरक्षा के साथ ही इसका सदुपयोग भी होगा।
श्री विनोद शंकर गुप्त ने संग्रहालय रखरखाव के लिए इक्कीस हजार रुपये का सहयोग प्रदान करते हुए इस बात की घोषणा की कि बाबू गुलाबराय जी पर पी.एच-डी. करने वाले शाधार्थी को बाबू गुलाबराय स्मृति संस्थान (आगरा) की ओर से सम्मानित भी किया जायेगा।
इस अवसर पर कुण्डेश्वर के श्री गुणसागर सत्यार्थी, श्री देवेन्द्र कुमार जैन के साथ ही संग्रहालय परिषद की ओर से सर्वश्री महेश सक्सेना, विपिन बिहारी वाजपेयी, श्रीमती करुणा राजुरकर, प्रतिभा गोटीवाले, संगीता राजुरकर सहित अनेक साहित्यकार और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
(संगीता राजुरकर)
सहायक निदेशक, प्रबन्ध